कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3858

भाषा / Language

हम प्रेम का वही पन्ना पलट कर देखने की जिद्द करते हैं जो चिप…

हम प्रेम का वही पन्ना पलट कर देखने की जिद्द करते हैं जो चिपका होता है। हमें पसंद है नकारा जाना बनना बिगड़ना तबाह हो जाना। लव यू तो अब भी रहेगा.... ओ जिंदगी *तोसे नैना ....जब से मिले सुन रही। आप भी सुनिए। शुभ रात।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें