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जीवन छोटी छोटी मृत्यु से बना होता है

जीवन छोटी छोटी मृत्यु से बना होता है..... ये अलग बात है कि हम छोटी छोटी मृत्यु से बड़ा बड़ा जीवन निकाल कर जीते जाते हैं। जीवन की अपनी गति है। हम उसे नियति का नाम दे देते हैं। अपने हिस्से का जीवन छूने चुनने से ज्यादा अपने जीवन की मृत्यु चुनने का हुनर आना चाहिए। असली जीना वहीं छिपा है। *तस्वीर विनोद ने जाने कब ली है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें