जिस पल दो मन मुस्कुराए और बस ईश्वर साक्षी रहा...वही प्रेम है
रचना 38194 अगस्त 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishजिस पल दो मन मुस्कुराए और बस ईश्वर साक्षी रहा...वही प्रेम है✦जिस पल दो मन मुस्कुराए और बस ईश्वर साक्षी रहा...वही प्रेम हैकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें