भाषा / Language
एक तुमको ही कहा....दोस्त
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एक तुमको ही कहा....दोस्त
फिर वो जगह ख़ाली हो गयी।
फिर एक रोज़ तुमको ही कहा... प्रेम
वो जगह कभी भरी ही नहीं
तुमसे मिलने से पहले की दोस्ती है और प्रेम तो शायद उससे भी पहले का रहा होगा।
तुम बस रहना😊
सदा
* तस्वीर आज ली है... मन बहुत दिन बाद हाथ आया। कुछ दिनों से गोल था।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें