तुम ज़िद्द से बने हो मैं जतन से .... हम दोनों एक ही मिट्टी के दो सकोरे हैं जिसमें प्रेम पड़ गया है।
रचना 380728 जुलाई 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishतुम ज़िद्द से बने हो✦तुम ज़िद्द से बने हो मैं जतन से .... हम दोनों एक ही मिट्टी के दो सकोरे हैं जिसमें प्रेम पड़ गया है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें