कल्पनाशब्दों के बीच
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मां के पास जाओ तो बचपन लौट आता है।

मां के पास जाओ तो बचपन लौट आता है। कल घर गई तो डाइनिंग टेबल पर मेरी तस्वीर मिली। मां की संभाल ... अड़तालिस साल पुरानी कल्पना से मिलवा दिया। तस्वीर अपने साथ ले आई हूं। यादों के idiot Box में रखूंगी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें