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कोई किसी के बिना नहीं मरता

कोई किसी के बिना नहीं मरता... हां जी अमूमन जाते हैं लोग स्मृतियों के ताबूत पर कील ही ठुके जरूरी तो नहीं... कुछ एक पल भी ठुके होते हैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें