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ईश्वर ने मुझे आंखें दी

ईश्वर ने मुझे आंखें दी ... मैंने उसमें जी भर नदी भर दी तुम सोखते रहे आंखों का खारा पानी अब मैं समंदर में हूं और तुम मेरी सीप सी आंखों में पुतली ईश्वर इस प्रक्रिया का एक मात्र प्रमाण है। हुबहू तेरा जैसा...
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें