कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3761

भाषा / Language

सगरे रंग छूट गए

सगरे रंग छूट गए ..... तुम्हारी कत्थई आंखें ना छूट रहीं.... कुछ तो बता जिंदगी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें