कल्पनाशब्दों के बीच
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अगर किसी का लिखा पढ़कर आप के मन में कोई प्रश्न, कोई संवेदना,…

अगर किसी का लिखा पढ़कर आप के मन में कोई प्रश्न, कोई संवेदना, कोई हूक,कोई दर्द,कोई विचार, कोई चेहरा न उभरे तो व्यर्थ है सब। आपको थोड़ा सा अच्छा बनना ही चाहिए अपने पसंदीदा का लिखा पढ़कर।कुछ न कुछ सीखना जरूर चाहिए अच्छा पढ़कर। उसके प्यार में थोड़ा सा और पड़ना ही चाहिए।😊😊😊😊 सब पर थोड़ा थोड़ा मरने से बेहतर है कुछ एक पर शिद्दत से मरो। जी भर प्यार करो उसे। तुम्हारे जैसा कोई न जी सके उसे।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें