कल्पनाशब्दों के बीच
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आसान है

आसान है ..... कागज़ पर चाँद समंदर दुख उदासी इश्क़ निभाना..... दुश्वार है तो बस.... एक लौ जिलाना कागज से एक अमरबेल उठाना शब्दों से। *उस न्यून को बचा के रखो जो तुम्हें अनंत दिखायेगा 😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें