कल्पनाशब्दों के बीच
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तुमने मुझे याद दी है

तुमने मुझे याद दी है... प्रेम,वक्त,हालात सब निष्ठुर हो सकते हैं.... प्रेमी नहीं। "जाना" इसलिए भी एक कठिन प्रक्रिया है क्योंकि तुम्हारे लिए तो दर हमेशा खुला है पर मैंने तो अपने लिए खिड़कियां तक बंद कर दी हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें