कल्पनाशब्दों के बीच
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सब कुछ जाने देना ही जिंदगी है

सब कुछ जाने देना ही जिंदगी है... इस लिए जाने दिया। फिर ये आभास हुआ... छूट कर छूटे हुए भी बंध जाते हैं तिनका तिनका ज़रा ज़रा कांटों की चुभन भी एक कविता है। जिंदगी उसी चुभन की शिरोरेखा
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें