भाषा / Language
यूँ सोहबतों में मोह ना मिलाया करो
✦
यूँ सोहबतों में मोह ना मिलाया करो...
मुहब्बत चाशनी हो जानी है।
खामोशी को खामोशी से
जोड़ा
घटाया
गुणा किया
भाग भी देकर देखा
खामोशी टस से मस न हुई।
शून्य को तकती तकती चांद हो गई।
* दूर एक टुकड़ा खामोशी चमक रही
अपनी वाली से मिला कर देखो...
इत्र गिरेगा।
शुभरात।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें