कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3613

भाषा / Language

मेरा आसमान तुम्हारी तरफ खुलता है

मेरा आसमान तुम्हारी तरफ खुलता है तुम्हारी खिड़कियां मेरी तरफ बंद रहती हैं। दो लोग हंसते कब हैं?
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें