कल्पनाशब्दों के बीच
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आज का दिन बहुत शुभ है

आज का दिन बहुत शुभ है... मेरे विद्यालय में पूरे दो सत्र बाद बच्चे आ रहे। आप सब का स्वागत है ।नया सत्र सब के लिए शुभ हो। मैं और मेरे साथी पूरी तरह से तैयार हैं। हम सब मिलकर KV प्रगतिविहार को प्रगति के पथ पर ले जायेंगे। सब बच्चे स्वस्थ रहें । खूब मन लगाकर पढ़ें। मासूम बने रहें। मनुष्यता सीखें। मुस्कुराते रहें। आज मेरी बगिया चहकने वाली। बहुत खुश हूं। *मेरा राजकुमार भी बहुत excited है। स्कूल चले हम। खूब मजे करना दक्ष ।ये बचपन फिर नहीं लौटेगा। दोस्ती खरी रखना। All the best.
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें