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कोई तुमसे सीखे.... मौजूद रहना मुझमें

कोई तुमसे सीखे.... मौजूद रहना मुझमें 😊😊😊😊 एक तुमसे मिलने के बाद .... हँसने रोने मुस्कुराने जैसे कायदे भी सीख गई। *तस्वीर बस अभी सांझ का दीपक जलाने के बाद की है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें