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प्रेम और उदासी

प्रेम और उदासी एक ही डोंगी में सवार कांधा छूकर गुजरते हुए दो यात्री.... अनजाने हमसफर से... एक के उतरते ही दूसरा चढ़ जाता है। तस्वीर बस अभी की है।ख्याल तो रोज वाला है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें