कल्पनाशब्दों के बीच
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अगर किसी को प्यार करने के लिए

अगर किसी को प्यार करने के लिए... उसे प्रेम कहने के लिए तुम्हें दुनिया की ओर देखना सुनना पड़े तो तुमको ईश्वर ने मन नहीं दिया । उसकी जगह पर कई कान और कई जोड़ा आँखें बक्श दी हैं। तुम काठ हो गए कठपुतली भी पर प्रेमी न होने पाए। मुझे अपना पता पता है ... कहो तुम्हारी दुनिया क्या कहती है तुमसे।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें