मैं तुम्हारे शहर को याद ही तुम्हारे नाम से करती हूँ। सरक कर पास आ जाता है।
रचना 350627 फ़रवरी 2022भाषा / Languageहिन्दीEnglishमैं तुम्हारे शहर को याद ही तुम्हारे नाम से करती हूँ।✦मैं तुम्हारे शहर को याद ही तुम्हारे नाम से करती हूँ। सरक कर पास आ जाता है।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें