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आज के मेरे वेलेंटाइन ...मेरे बच्चे कितने दिनों बाद विद्याल…

आज के मेरे वेलेंटाइन ...मेरे बच्चे कितने दिनों बाद विद्यालय आए। प्राण लौटे विद्यालय प्रांगण के। आप सब का स्वागत। मन को खुशी मिली।जिंदगी दोबारा पटरी पर आ रही। कितने दिनों बाद कक्षा महकी। क्लास का बोर्ड जीवंत हुआ। कोरिडोर, मैदान , सब जिंदा हो गए जैसे। मौन दीवारें हसरत से भर गई। बच्चे इतने उत्साहित थे कि क्या ही कहूं। पूरे 131 बच्चे स्कूल आए मेरे। उनका पहला दिन हमारे प्रेम से भर गया । हमारा मन उनकी जिज्ञासु आंखों से। खूब आशीर्वाद ।खूब प्यार। आज के दिन ईश्वर मुझे और क्या देता।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें