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रोज़ इश्क़ करूंगी

रोज़ इश्क़ करूंगी रोज़ मुकर जाऊंगी ऐ जिंदगी.... मेरा शोर...... इक लंबी सी उम्र के बाद कागज़ पर सो जाता है मेरी ख़ामोशी.... इक छोटी सी उम्र के बाद कागज़ पर खो जाती है बस तुम जिंदा रहते हो
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें