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पहाड़ों में मान्यता है अगर कोई अनमोल चीज खो जाए तो दुपट्टे…

पहाड़ों में मान्यता है अगर कोई अनमोल चीज खो जाए तो दुपट्टे या आंचल के एक कोने में कुछ दाने चावल गांठ बांधकर रख लेते हैं और मिलने पर घी चीनी दोनों हाथों से अर्पित कर शुक्राना कहते हैं। एक रोज तुम को बस देखा ....लगा पा लिया। हाथ अपने आप ही उसी पल मन के दुपट्टे के आखरी कोने को बढ़ गया। तुम उसी पल बंध गए। उस रोज से घी चीनी से कविता लिख देती हूं। ना मिलने का शुक्राना मेरा गुम शहर से प्रीत सबसे लंबी चलती है। ना मिले शख्स से प्रेम अथाह
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें