कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3381

भाषा / Language

लिखने से नहीं लिखा हुआ होने से कवि होते हैं

लिखने से नहीं लिखा हुआ होने से कवि होते हैं .... हुबहू न हुए तो तुरपन दिखती है कविता से पहले आत्मा की *एक मित्र से बातों बातों में की हुई ज्ञानी बातें।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें