कल्पनाशब्दों के बीच
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मैं, तुम

मैं, तुम, हम, सब.... देह में प्रेम ढूंढते हैं प्रेम में देह सब को मिलान करने का भूत सवार है । जबकि देह देह में प्रेम प्रेम में पहले से गुंथे हैं। दो पूर्ण शब्द अपने अपने ओज से भरे हुए
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें