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आपका बदलना आम सी बात है

आपका बदलना आम सी बात है... मेरा प्रिय मौसम भी तो बदलता रहता है। *बस एक ही दगा याद है.... उस रोज़ सी आँखें मिली ही नहीं। *एक रोज़ था जब इंतज़ार में मायूस रहती थी... अब बेलौस तुममें रह कर इंतज़ार को मायूस कर देती हूँ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें