कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3270

भाषा / Language

अक्षर अक्षर किताब करती है कलम

अक्षर अक्षर किताब करती है कलम पेश ऐसे भी जज़्बात करती है कलम हुश्न उसका भी कम कबीले गौर नहीं ख़ामोशी में भी बात करती है कलम कोरे कागज़ से उम्रों की आशिकी लफ़्ज़ों की इफरात करती है कलम संगदिल सनम भी बिखर जाये जाने क्या खुराफात करती है कलम इश्क़ भी मुझसे और इश्कियत भी ज़र्रा ख़याल "क्या बात "करती है कलम मुफ़लिस हो नहीं सकता हुनर इसका हर सोच जवाहरात करती है कलम
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें