कल्पनाशब्दों के बीच
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मुझे हमेशा से अपना नाम दूसरों के हाथ लिखा देखने का मन बना र…

मुझे हमेशा से अपना नाम दूसरों के हाथ लिखा देखने का मन बना रहता है। ये देखना अच्छा लगता है कि कोई कल्पना को कितनी उड़ान दे सकता है। आज आदरणीय Harishankar Balothia जी ने मुझे इनबॉक्स में मेरा नाम लिख कर भेजा। उनकी कला अद्वितीय है। आप का स्नेह मिला। मेरी ख्वाइश पूरी कर देने का आभार कितनी खुश हूं ..क्या कहूँ😊 किसी रोज़ जयपुर आई तो ये आप से जरूर लूँगी। आपने इस बात से हैरान कर दिया कि आपने मेंरे नाम के 101 रूप भी लिख कर मुझे आशीर्वाद दिया है। ये उपहार अनमोल है। जल्द मिलकर आपके हाथों से लूँगी। नतमस्तक हूँ। आपके प्रेम और कला को प्रणाम💐 मैं सादगी से लिखती हूँ ।इस तोहफ़े को समर्पित ये पंक्तियाँ😊😊 मुझे तुम अपनी वीरानी में लिखना .... प्रेम का सबसे उत्कृष्ट रूप मुझे यही लगता है। मुझे यही देना।💐 बहुत शुक्रिया sir 💐आपने मेरा दिन बना दिया।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें