भाषा / Language
मुझे आप चाहिए
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मुझे आप चाहिए....
इसको किसी भी भाषा में लिख दूँ
खुश्बू आप की ही आएगी।
सिर्फ़ आप मेरे होंठ पढ़ पाएंगे।
इन अक्षरों से मेरा चेहरा बना पाएंगे।
*शुभरात और शुभदिन के बीच शेष बची कल्पना पाखी है।😊😊😊
*बीते किसी रोज़ का मन लिखा है। आज भी वही है। कुछ बातों पर धूल नहीं बैठती।😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें