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सकोरे भरा मेरा सुख और उदासी मिला कर रखी है उधर

सकोरे भरा मेरा सुख और उदासी मिला कर रखी है उधर सब ने शरद का चाँद कहा मैंने *तुम* मेरे सकोरे की मिठास कम है या अधिक मिलकर बताना😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें