कल्पनाशब्दों के बीच
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आज मेरी टीम के दो साथी अपने अपने अपने घरों के पास वाले विद्…

आज मेरी टीम के दो साथी अपने अपने अपने घरों के पास वाले विद्यालय में स्थानांतरित हो गए। चार साल साथ में काम करना एक बेहद प्यारा अनुभव रहा। दिल्ली एक बहुत बड़ा शहर है । घर से विद्यालय आने में ही दो दो घण्टे लग जाते हैं । घर के पास का विद्यालय शुभ हो। Pooja Tripathi और Madhu maam साथ बना रहे। जो मेरे पास नए 5 लोग दिल्ली के बाहर से आने वाले वो सब भी आपकी तरह प्यारे और कर्मठ हों ...यही प्रार्थना है। मेरा हर कदम पर साथ देने का शुक्रिया 💐 मन के द्वार खुले हैं मेरे हमेशा। आते रहना।😊😊 खूब प्यार और शुक्रिया भी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें