मुतमईन रूह के लिए पैमाना वो कहाँ से लाओगे इक लम्स में गुज़रे ज़माना वो कहाँ से लाओगे
रचना 31288 अक्टूबर 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishमुतमईन रूह के लिए✦मुतमईन रूह के लिए पैमाना वो कहाँ से लाओगे इक लम्स में गुज़रे ज़माना वो कहाँ से लाओगेकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें