कल्पनाशब्दों के बीच
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मैंने तुम्हें इन किताबों के बीच जितना खोया है उससे कहीं अधि…

मैंने तुम्हें इन किताबों के बीच जितना खोया है उससे कहीं अधिक तुम्हारी कविता में खुद को पाया है। तुमको लौटाना आता है तो मुझे भी तुम तक लौटने की जिद्द है। इतना आसान थोड़े ही छूट जाना छोड़ जाना जाते जाते जाएगी ख़ब्त💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें