उदासी में कमल उगा लेती हूँ हथेली पर.... एक रोज़ दूँगी तुम्हें.... ढ़ेर अश्रु कमल
रचना 31246 अक्टूबर 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishउदासी में कमल उगा लेती हूँ हथेली पर✦उदासी में कमल उगा लेती हूँ हथेली पर.... एक रोज़ दूँगी तुम्हें.... ढ़ेर अश्रु कमलकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें