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घड़ी से समय कभी नहीं निकलता

घड़ी से समय कभी नहीं निकलता... बस वैसा सा रख लो *साथ चल रही ज़िन्दगी को लांघ कर जब भी ज़िन्दगी के उस पार गयी हूँ ..... इक बालिश्त ज्यादा ही जीकर लौटी हूँ .... ओ मेहरमा💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें