एक चेहरे की याद ..... और सैकड़ों भुलावे दिए। तुम पक्के सौदागर पर कच्चे जादूगर निकले....प्रेम *मैं विरह से बनी हूँ.... नाम तो बस यूं ही कल्पना रखा है। शुभरात💐