भाषा / Language
प्यारी Farha Uves तुम्हारा काम देखती हूँ तो दंग रह जाती हू…
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प्यारी Farha Uves तुम्हारा काम देखती हूँ तो दंग रह जाती हूँ। जाने कितनी ऊँची उड़ान भरती है तुम्हारी कूँची। हर कृति अपने आप में पूरी। हर बार एक नई कहानी बुनती हुई। तुम कम रंगों ,कम लकीरों, कम बिंदुओं और कम चीजों से जो अभिव्यक्ति देती हो वो कल्पना को नई उड़ान देता है।
मेरी किताब का आवरण .... अहा💐💐💐💐
जब भी उसे देखती हूँ तो खुद के आलता लगे पैर नूपुर भरे लगने लगते हैं। एक पूरी गाथा कहता है वह चित्र।
आप एक शानदार फोटोग्राफर भी हैं। रंगों से आपका याराना हो जैसे।
उनकी मूक भाषा आप पढ़ पाते हो। ये अदभुत है।
आप सभी कलमकार मित्रों से कहूँगी अपनी किताब के आवरण को इनके हुनर से सजाएं । मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी किताब निखर उठेगी। आज़मा कर देखिए।
मेरा तो उनसे पहली किताब से आख़री तक हर किताब तक के आवरण का वादा है।
कभी दूसरी किताब अगर आयी तो तुम ही मेरी पहली पसंद रहोगी। मैंने वादा दिया है तुमको।💐💐💐
आबाद रहिये फरहा💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें