इश्क़ तो बंजर से बारिश सा ही करना था मुझे बस इस लिए तुमको चुना निभाने का मन था... तुमको।
रचना 305730 अगस्त 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishइश्क़ तो बंजर से बारिश सा ही करना था मुझे✦इश्क़ तो बंजर से बारिश सा ही करना था मुझे बस इस लिए तुमको चुना निभाने का मन था... तुमको।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें