ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 3057

भाषा / Language

इश्क़ तो बंजर से बारिश सा ही करना था मुझे

✦
इश्क़ तो बंजर से बारिश सा ही करना था मुझे बस इस लिए तुमको चुना निभाने का मन था... तुमको।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें