उड़ने के लिए पंख... और लौट आने के लिए जड़ें दे दो ...... इश्क़ ज़्यादा कुछ नहीं मांगता😊😊😊 शुभरात
रचना 303921 अगस्त 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishउड़ने के लिए पंख✦उड़ने के लिए पंख... और लौट आने के लिए जड़ें दे दो ...... इश्क़ ज़्यादा कुछ नहीं मांगता😊😊😊 शुभरातकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें