वक़्त को भी वक़्त की दरकार रहती है तवज्जो न दो तो पलट जाता है। फिर मैं तो इंतज़ार हूँ।
रचना 29987 अगस्त 2021भाषा / Languageहिन्दीEnglishवक़्त को भी वक़्त की दरकार रहती है✦वक़्त को भी वक़्त की दरकार रहती है तवज्जो न दो तो पलट जाता है। फिर मैं तो इंतज़ार हूँ।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें