कल्पनाशब्दों के बीच
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जब अपना लिखा हुआ कुछ प्रिय सखी अपनी मीठी आवाज़ में पढ़ दे तो…

जब अपना लिखा हुआ कुछ प्रिय सखी अपनी मीठी आवाज़ में पढ़ दे तो लगता है .....शब्दों को झंकार मिल गयी। हम दोनों गले लग लिए💐💐💐 मेरी हम नाम हो। तुम बहुत प्यारी हो मुझे। हर बार मुझे हैरान कर देती हो। तुम्हारी भेजी तस्वीर सँजो रखी है। प्यारा उपहार। अभी स्कूल से आकर तुम्हारी आवाज़ मिली। बहुत बहुत शुक्रिया। Kalpana Joshi लव यू💐💐💐💐 हुनर कायम रहे तुम्हारा । स्नेह बंधन बंधा रहे । आप भी सुनकर सराहें💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें