कल्पनाशब्दों के बीच
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जिया जाए तो मन

जिया जाए तो मन रखा जाए तो मान बस मान लिया जाए....तो मान्यता आज भाभी के साथ वटवृक्ष के दर्शन को गई आज पहली बार। मैं बहुत ज्यादा पूजा पाठ नहीं करती ।बस ईश्वर हर पल स्मरण में रखती हूं। छोटी छोटी बातें हैं पर मान लो तो अच्छा तो लगता है।😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें