कल्पनाशब्दों के बीच
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Sharda RC Dahiya

Sharda RC Dahiya ..... मुझे कुबूल है ये प्यार तुम्हारा💐💐💐💐 कभी कभी लगता है fb पर लोग मुझे पगलेट कहते होंगे। आत्ममुग्धा... अतरंगी । फिर मुझे कुछ आप जैसे प्यारे लोग मेरी उल्टी सीधी हरकतों में ज़िन्दगी देखने वाले भी मिल जाते हैं। मैं मुतमईन हो जाती हूँ। अभी मेरा और बावरी होना बाक़ी है....ज़िन्दगी गुलज़ार है। *****Kalpana Pandey बहुत ज्यादा नहीं जानती मैं मैम को मगर ये कई दफ़े बेहिसाब जिंदा लगती है,घूमना फिरना,फ़ोटो लेना खुद को अच्छा अच्छा महसूस करना,अपने इश्क़ को इतने वक्त बाद भी जिंदा रखना ,बड़ा प्यारा और खूबसूरत है। ***** मुस्कुराइए कि ....आप अभी ज़िंदा हैं।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें