कल्पनाशब्दों के बीच
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तुम्हारे नाम के तीन मनकों से लिख रहीं हूँ अपना सबसे छोटा इं…

तुम्हारे नाम के तीन मनकों से लिख रहीं हूँ अपना सबसे छोटा इंतज़ार और अपनी सबसे लंबी हँसी। उसे चुनो....जिसे सुन सकते हो उंगलियों से😊😊😊 तस्वीर में हम हैं.... मुझमें तुम भी हो।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें