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बेहद ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि ज़िन्दगी नहीं बदली उसने अ…

बेहद ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि ज़िन्दगी नहीं बदली उसने अपना तौर बदला है। जो इस तौर को अपना रहा वो बढ़ रहा। जो इस तौर को आज़मा रहा वो लड़ रहा। इस समय अपनी सबसे छोटी इकाई को बचाने का समय है.. अपना और अपने परिवार का ध्यान सब रखें। हर छोटी इकाई धीरे धीरे बड़ी दुनिया बचा लेगी। रखिये आरोग्य का लक्ष्य ..... इसके अलावा अभी सारे लक्ष्य दूसरे पायदान के लायक है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें