कल्पनाशब्दों के बीच
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अबकी सुनामी सबके हिस्से आयी है

अबकी सुनामी सबके हिस्से आयी है... तट और तटस्थ दोनों बह गए शुभरात💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें