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प्रार्थना में भी नहीं लेती हूँ तुम्हारा नाम

प्रार्थना में भी नहीं लेती हूँ तुम्हारा नाम... छिपा कर रखती हूँ ईश्वर से आँख मिला कर माँगती हूँ रोज़ तुम्हें ईश्वर मेरी इसी ज़िद्द पर हैरान है बिना मिले मिल जाने का सुख ईश्वर का दिया है मुझे... ऐसा प्रेम तुम दे रहे। मेरे पास बस एक दिशा है.... वो भी बिना तुम्हारी हां की उसी पर चल रही ईश्वर के सहारे। बैरागी.. 💐💐💐💐 तुम अच्छे रहना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें