भाषा / Language
ऑक्सिजन साँस में नहीं आस में है
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ऑक्सिजन साँस में नहीं आस में है...
इस कठिन समय में हम एक दूसरे को क्या दे सकते हैं ...बिना मिले बिना छुए ..
शब्द से हिम्मत और मुस्कान से विश्वास
ये बहुत आम बातें हैं .
मैं लिख देती हूँ कि मुझे इनपर विश्वास है। मैं ये करती हूँ।tried and tested
*हम दूर हैं पर दक्षु रोज़ अपने दादाजी से सुबह शाम 10 मिनट बात करता है। हम उसे याद दिलाते हैं कि दादाजी को फ़ोन करो। भव्या नाना नानी से हफ्ते दस दिन में बात करती है। ये उनकी आदत में शुमार होने लगा है। वो दिन में अपने cousins से हाल पूछता रहता है। वो खुद ऑक्सिजन ले रहा और सबको दे रहा।
बच्चों को इस तकनीक से सिखाओ कि पास कैसे जाना?
*हो सकता है आप किसी और शहर में हो अपने मां पिताजी से सुबह शाम वीडियो कॉल करें। आप कुछ नहीं कर सकते दूर रह कर पर आप उनकी दवाइयां उनका रोजमर्रा की जरूरत का सामान ऑनलाइन बिगबास्केट या pharmacy से order कर दें।उन्हें न जाना पड़ें बाहर। तकनीक हमें रोज़ निचोड़ रही आप भी निचोड़ लो कुछ रस रिश्तों में मिठास के लिए।
*आज रविवार है हम सब
दोस्तों ने सोचा है कि एक g meet लिंक generate होगी और कॉलेज के ग्रुप में शेयर कर हम सब दोपहर 3 बजे जुड़ेंगे।
कुछ देर हाल पूछेंगे।हँस लेंगे। कई उनमें कोरोना warriors हैं कुछ रोग पीड़ित कुछ रोग को हरा चुके। सब से बातें कर कॉलेज पहुंचने का मन है।
आप भी try कीजिये😊😊😊
*अपने पसंद के दोस्तों को बस ये मैसेज लिख कर छोड़ दें..... अच्छे रहना💐
मैं करती हूँ।😊 चाहे जवाब आये न आये।
*अगर आप में कोई हुनर है तो उसे बाहर लाएं ..... fb पर शेयर करें ।दुनिया मृत्यु highlight कर रही आप ज़िन्दगी अंडरलाइन कीजिये ...
गाइये कुछ,लिखिये कुछ, चित्र बनाइये,नाच लीजिये ... ऐसा कुछ जो उजास से भरा हो वो सब कीजिये।
*और अगर कुछ न कर सकते हों तो
आईने में जाकर 10 बार I love u कह आइए।
मेरी बातें बचकानी हो सकती हैं क्योंकि मुझे ऐसे ही जीना आता है। 😊😊
यूँ ही कट जाएगा सफर साथ चलने से....
कि मंज़िल आएगी नज़र साथ चलने से😊😊😊😊
दक्षु कह रहा आप अच्छे नहीं लग रहे...मैंने कहा अच्छे लगना थोड़े ही है अच्छा रहना है।💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें