भाषा / Language
प्रार्थना में रखिये 💐
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प्रार्थना में रखिये 💐
अब जब कि रोग और उदासी हमारे मुहल्लों से मित्र सूची में भी घुस रही है.... आप सब से नम्र निवेदन है कि हर वो प्रयास करें जो इस रोग से आपको बचा कर रखें।
आप अपने परिवार का कवच बनें ।मित्रों को हिदायत और मनोबल दोनों भर भर दें। रोज़ पूछ लें उनसे ।ठीक हो?
बादल घिर रहे हैं पर हम सब साथ मिलकर खड़े रहे तो ईश्वर भी पसीजेगा ...
मुझे विश्वास है।
विश्वास में आस्था फिर भी कम हो सकती है
पर आस्था में विश्वास जरा भी कम नहीं हो सकता।
पता नहीं आज उठते ही ख़्याल आया कि आज से ही महामृत्युंजय का जाप करना होगा। विनोद से कहा तुम उठकर एक घंटा यही स्पीकर पर लगा दिया करो। पता नहीं ऐसा मन क्यूँ हुआ।
शायद ये आस्था की बात है।
आप लोग चाहो तो खारिज़ कर सकते हो ।पर मेरा मन अक्सर सच कहता है। इस रोग का असर जरूर कम होगा आसपास।
हो सकता है मैं गलत हूँ पर ईश्वर और दुआ का असर होता है। इन दोनों का बाड़ा और कवच लगाना ही होगा।
लोगों को उजास और शांत मन की तरफ मोड़ ले जाएं
अच्छा सुनें। आंकड़े बनाये जाते हैं ।
दुःख है व्याप्त पर
आप तस्वीर का दूसरा हिस्सा भी उजागर करें कि देखो मेरा ये मित्र अब रोग मुक्त हो गया। सब ठीक हो रहा।बदल रहा सब धीरे धीरे।
हाथ थामें ,बातों से ही सही गले लग जाइये उसके जो तुमको पुकार रहा। जिसके लिए मन में चिंता हो उसे तो बस भींच कर रख लो अपनी प्रार्थना में...
ईश्वर सुन ले.... जल्द ।
आमीन💐💐💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें