कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 2615

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हमने अपने दुःख से कुछ न सीखा

हमने अपने दुःख से कुछ न सीखा..... हम हँस दिए। *तस्वीर मेरी परदेसी चिड़िया की है जो याद आती रहती है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें